अभिलेख:- प्राचीन भारत के अधिकांश अभिलेख पाषाण शिलाओं , स्तंभों , ताम्रपत्रों , दीवारों तथा प्रतिमाओं पर उत्कीर्ण हैं। सबसे प्राचीन अभिलेखों में मध्य एशिया के बोगजकोई से (1400 ई. पू. का) प्राप्त अभिलेख हैं। इस पर वैदिक देवता - मित्र , वरुण , इंद्र और नासत्य(आश्विनी कुमार) के नाम मिलते हैं। इनसे ऋग्वेद की तिथि ज्ञात करने में मदद मिलती है। भारत में सबसे प्राचीन अभिलेख अशोक के (शिलालेख व स्तंभलेख) हैं, जो 300 ई. पू. के लगभग हैं। डी. आर. भंडारकर नामक विद्वान ने केवल अभिलेखों के आधार पर ही अशोक का इतिहास लिखने का सफल प्रयास किया है। अशोक के अभिलेख ब्राह्मी , खरोष्ठी , यूनानी तथा अरमाइक लिपियों में मिले हैं। मास्की , गुर्जरा , निटूर एवं उदेगोलम से प्राप्त अभिलेखों में अशोक के नाम का स्पष्ट उल्लेख है तथा अन्य अभिलेखों में उसे ‘देवानांपिय पियदसि या प्रियदर्शी ' ( देवों का प्यारा ) कहा गया है। सर्वप्रथम 1837 ई. में जेम्स प्रिंसेप...